श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 43: द्वन्द्वयुद्ध में वानरों द्वारा राक्षसों की पराजय  »  श्लोक 19
 
 
श्लोक  6.43.19 
तस्य काञ्चनचित्राङ्गं रथं साश्वं ससारथिम्।
जघान गदया श्रीमानङ्गदो वेगवान् हरि:॥ १९॥
 
 
अनुवाद
परन्तु वेगशाली वानरराज अंगद ने उसकी गदा पकड़ ली और उसी गदा से उन्होंने सारथि और घोड़ोंसहित इन्द्रजीत के स्वर्णमय रथ को चूर-चूर कर दिया॥19॥
 
But the swift monkey lord Angada caught hold of his mace and with the same mace he crushed Indrajit's golden chariot along with its charioteer and horses to pieces. 19॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)