श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 43: द्वन्द्वयुद्ध में वानरों द्वारा राक्षसों की पराजय  »  श्लोक 14
 
 
श्लोक  6.43.14 
धर्मस्य पुत्रो बलवान् सुषेण इति विश्रुत:।
स विद्युन्मालिना सार्धमयुध्यत महाकपि:॥ १४॥
 
 
अनुवाद
धर्म के पराक्रमी पुत्र महाकपि सुषेण ने राक्षस विद्युन्माली के साथ युद्ध करना आरम्भ किया ॥14॥
 
The mighty son of Dharma, Mahakapi Sushen started fighting with the demon Vidyunmali. 14॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)