श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 43: द्वन्द्वयुद्ध में वानरों द्वारा राक्षसों की पराजय  »  श्लोक 11
 
 
श्लोक  6.43.11 
अग्निकेतु: सुदुर्धर्षो रश्मिकेतुश्च राक्षस:।
सुप्तघ्नो यज्ञकोपश्च रामेण सह संगता:॥ ११॥
 
 
अनुवाद
महाबली अग्निकेतु, रश्मिकेतु, सुप्तघ्न और यज्ञकोप- ये सब राक्षस श्री रामचन्द्रजी से युद्ध करने लगे॥11॥
 
The mighty brave Agniketu, Rashmiketu, Suptaghna and Yagyakop - all these demons started fighting with Shri Ramchandraji. 11॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)