श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 42: लङ्का पर वानरों की चढ़ाई तथा राक्षसों के साथ उनका घोर युद्ध  »  श्लोक 33
 
 
श्लोक  6.42.33 
एतच्छ्रुत्वा तदा वाक्यं रावणस्य मुखेरितम्।
सहसा भीमनिर्घोषमुद‍्घुष्टं रजनीचरै:॥ ३३॥
 
 
अनुवाद
रावण का बाहर आने का आदेश सुनते ही राक्षसों ने अचानक भयंकर गर्जना की। 33.
 
On hearing the order from Ravana to come out, the demons suddenly let out a terrifying roar. 33.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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