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श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
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काण्ड 6: युद्ध काण्ड
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सर्ग 42: लङ्का पर वानरों की चढ़ाई तथा राक्षसों के साथ उनका घोर युद्ध
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श्लोक 26
श्लोक
6.42.26
सुषेण: पश्चिमद्वारं गत्वा तारापिता बली।
आवृत्य बलवांस्तस्थौ कोटिकोटिभिरावृत:॥ २६॥
अनुवाद
तारा के बलशाली पिता सुषेण ने (दक्षिण-पश्चिम कोने में स्थित) लाखों वानरों के साथ पश्चिमी द्वार पर आक्रमण करके उसे घेर लिया। 26॥
Tara's powerful father Sushen (located in the south-west corner) along with millions of monkeys attacked the western gate and surrounded it. 26॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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