देवदानवयक्षाणां गन्धर्वोरगरक्षसाम्।
शत्रुमद्योद्धरिष्यामि त्वामृषीणां च कण्टकम्॥ ८०॥
अनुवाद
"तुम देवता, दानव, यक्ष, गन्धर्व, नाग और राक्षस - सबके शत्रु हो। तुम ऋषियों के लिए काँटा हो; इसलिए आज मैं तुम्हें जड़ से उखाड़ फेंकूँगा।" 80.
"You are the enemy of all - the gods, demons, yakshas, gandharvas, serpents and demons. You are a thorn for the sages; therefore, today I will uproot you. 80.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥