Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 6.41.70: "राक्षस! वीरता का आश्रय ले और धैर्यपूर्वक मेरे साथ युद्ध कर। युद्धस्थल में मेरे बाणों से शान्त (निष्प्राण) होकर तू शुद्ध (पवित्र एवं निष्पाप) हो जाएगा।" 70. | ramayan सर्ग 6.41: श्रीराम का सुग्रीव को दुःसाहस से रोकना, लङ्का के चारों द्वारों पर वानरसैनिकों की नियक्ति, रामदत अङद का रावण के महल में पराक्रम तथा वानरों के आक्रमण से राक्षसों को भय । ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
"राक्षस! वीरता का आश्रय ले और धैर्यपूर्वक मेरे साथ युद्ध कर। युद्धस्थल में मेरे बाणों से शान्त (निष्प्राण) होकर तू शुद्ध (पवित्र एवं निष्पाप) हो जाएगा।" 70.
"Demon! Take recourse to valour and fight with me with patience. By becoming silent (lifeless) by my arrows on the battlefield, you will become pure (pure and sinless)." 70.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥