श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 41: श्रीराम का सुग्रीव को दुःसाहस से रोकना, लङ्का के चारों द्वारों पर वानरसैनिकों की नियक्ति, रामदत अङद का रावण के महल में पराक्रम तथा वानरों के आक्रमण से राक्षसों को भय  »  श्लोक 47
 
 
श्लोक  6.41.47 
दशनागबला: केचित् केचिद् दशगुणोत्तरा:।
केचिन्नागसहस्रस्य बभूवुस्तुल्यविक्रमा:॥ ४७॥
 
 
अनुवाद
इनमें से कुछ वानरों में दस हाथियों का बल था, कुछ दस गुना अधिक बलवान थे और कुछ में एक हजार हाथियों का बल था।
 
Some of these monkeys had the strength of ten elephants, some were ten times stronger and some had the strength of a thousand elephants. 47.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)