Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 6.41.41-42h: सुग्रीव ने गरुड़ और वायु के समान वेगवान श्रेष्ठ वानर योद्धाओं के साथ मिलकर राक्षस सेना के उस शिविर पर आक्रमण किया जो उत्तर और पश्चिम के मध्य (उत्तर-पश्चिम कोने में) स्थित था। | ramayan सर्ग 6.41: श्रीराम का सुग्रीव को दुःसाहस से रोकना, लङ्का के चारों द्वारों पर वानरसैनिकों की नियक्ति, रामदत अङद का रावण के महल में पराक्रम तथा वानरों के आक्रमण से राक्षसों को भय । ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
मध्यमे च स्वयं गुल्मे सुग्रीव: समतिष्ठत॥ ४१॥
सह सर्वैर्हरिश्रेष्ठै: सुपर्णपवनोपमै:।
अनुवाद
सुग्रीव ने गरुड़ और वायु के समान वेगवान श्रेष्ठ वानर योद्धाओं के साथ मिलकर राक्षस सेना के उस शिविर पर आक्रमण किया जो उत्तर और पश्चिम के मध्य (उत्तर-पश्चिम कोने में) स्थित था।
Sugreeva, along with the best monkey warriors who were as swift as Garuda and the wind, attacked the camp of the demon army which was situated between north and west (in the north-west corner).
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥