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ramayan 6.41.40-41h: वानरश्रेष्ठ बलवान हनुमान्‌ ने प्रमाथी, प्रघास आदि वानरवीरों के साथ मिलकर पश्चिम द्वारका का मार्ग रोक लिया। 40 1/2॥   |   ramayan सर्ग 6.41: श्रीराम का सुग्रीव को दुःसाहस से रोकना, लङ्का के चारों द्वारों पर वानरसैनिकों की नियक्ति, रामदत अङद का रावण के महल में पराक्रम तथा वानरों के आक्रमण से राक्षसों को भय   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 41: श्रीराम का सुग्रीव को दुःसाहस से रोकना, लङ्का के चारों द्वारों पर वानरसैनिकों की नियक्ति, रामदत अङद का रावण के महल में पराक्रम तथा वानरों के आक्रमण से राक्षसों को भय  »  श्लोक 40-41h
 
 
श्लोक  6.41.40-41h 
हनूमान् पश्चिमद्वारं ररक्ष बलवान् कपि:॥ ४०॥
प्रमाथिप्रघसाभ्यां च वीरैरन्यैश्च संगत:।
 
 
अनुवाद
वानरश्रेष्ठ बलवान हनुमान्‌ ने प्रमाथी, प्रघास आदि वानरवीरों के साथ मिलकर पश्चिम द्वारका का मार्ग रोक लिया। 40 1/2॥
 
The mighty Hanuman, the best of the monkeys, along with Pramathi, Praghas and other monkey heroes, blocked the way to Western Dwarka. 40 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)