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श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
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काण्ड 6: युद्ध काण्ड
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सर्ग 41: श्रीराम का सुग्रीव को दुःसाहस से रोकना, लङ्का के चारों द्वारों पर वानरसैनिकों की नियक्ति, रामदत अङद का रावण के महल में पराक्रम तथा वानरों के आक्रमण से राक्षसों को भय
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श्लोक 27
श्लोक
6.41.27
तं विभीषणसुग्रीवौ हनूमाञ्जाम्बवान् नल:।
ऋक्षराजस्तथा नीलो लक्ष्मणश्चान्वयुस्तदा॥ २७॥
अनुवाद
उस समय विभीषण, सुग्रीव, हनुमान, ऋक्षराज जाम्बवान, नल, नील और लक्ष्मण ने उनका पीछा किया।
At that time Vibhishan, Sugriva, Hanuman, Riksharaj Jambavan, Nala, Neel and Lakshman followed him.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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