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श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
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श्लोक 11
श्लोक
6.40.11
इत्युक्त्वा सहसोत्पत्य पुप्लुवे तस्य चोपरि।
आकृष्य मुकुटं चित्रं पातयामास तद् भुवि॥ ११॥
अनुवाद
यह कहकर वह अचानक रावण पर झपटा और उसके विचित्र मुकुटों को उखाड़कर जमीन पर फेंक दिया।
Having said this he suddenly leapt upon Ravana and pulling off his strange crowns he threw them down on the ground.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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