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श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 39: वानरों सहित श्रीराम का सुवेलशिखर से लङ्कापुरी का निरीक्षण करना  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  6.39.9 
दात्यूहकोयष्टिबकैर्नृत्यमानैश्च बर्हिणै:।
रुतं परभृतानां च शुश्रुवे वननिर्झरे॥ ९॥
 
 
अनुवाद
दातीउह, कोयष्टी, बक और नाचते हुए मोर उस वन की शोभा बढ़ा रहे थे। वन में झरनों के आसपास कोयल की चहचहाहट सुनाई दे रही थी।
 
Daatiuh, Koyashti, Bak and dancing peacocks adorned that forest. The chirping of cuckoos could be heard around the waterfalls in the forest.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)