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ramayan 6.39.7: जैसे मनुष्य आभूषण धारण करते हैं, वैसे ही वहाँ के वृक्ष सुगन्धित फूल और अत्यंत सुंदर फल देते थे ॥7॥   |   ramayan सर्ग 6.39: वानरों सहित श्रीराम का सुवेलशिखर से लङ्कापुरी का निरीक्षण करना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 39: वानरों सहित श्रीराम का सुवेलशिखर से लङ्कापुरी का निरीक्षण करना  »  श्लोक 7
 
 
श्लोक  6.39.7 
गन्धाढॺान्यतिरम्याणि पुष्पाणि च फलानि च।
धारयन्त्यगमास्तत्र भूषणानीव मानवा:॥ ७॥
 
 
अनुवाद
जैसे मनुष्य आभूषण धारण करते हैं, वैसे ही वहाँ के वृक्ष सुगन्धित फूल और अत्यंत सुंदर फल देते थे ॥7॥
 
Just as human beings wear ornaments, similarly the trees there bore fragrant flowers and extremely lovely fruits. ॥ 7॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)