Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 6.38.7: "काल के पाश में बंधा हुआ एक ही मनुष्य पाप करता है, परन्तु उस दुष्ट के दोष के कारण उसका सारा कुल नष्ट हो जाता है।" ॥7॥   |   ramayan सर्ग 6.38: श्रीराम का प्रमुख वानरों के साथ सुवेल पर्वत पर चढ़कर वहाँ रात में निवास करना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 38: श्रीराम का प्रमुख वानरों के साथ सुवेल पर्वत पर चढ़कर वहाँ रात में निवास करना  »  श्लोक 7
 
 
श्लोक  6.38.7 
एको हि कुरुते पापं कालपाशवशं गत:।
नीचेनात्मापचारेण कुलं तेन विनश्यति॥ ७॥
 
 
अनुवाद
"काल के पाश में बंधा हुआ एक ही मनुष्य पाप करता है, परन्तु उस दुष्ट के दोष के कारण उसका सारा कुल नष्ट हो जाता है।" ॥7॥
 
"Only one man bound in the noose of time commits sin, but due to the fault of that wicked person his entire clan gets destroyed." ॥ 7॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)