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ramayan 6.38.20: तत्पश्चात् वानर सेना के स्वामी विभीषण द्वारा आदरपूर्वक सम्मानित होकर श्रीराम अपने भाई लक्ष्मण तथा युथपतियों के साथ सुवेल पर्वत के पीछे सुखपूर्वक रहने लगे।   |   ramayan सर्ग 6.38: श्रीराम का प्रमुख वानरों के साथ सुवेल पर्वत पर चढ़कर वहाँ रात में निवास करना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  6.38.20 
तत: स रामो हरिवाहिनीपति-
र्विभीषणेन प्रतिनन्द्य सत्कृत:।
सलक्ष्मणो यूथपयूथसंयुत:
सुवेलपृष्ठे न्यवसद् यथासुखम्॥ २०॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् वानर सेना के स्वामी विभीषण द्वारा आदरपूर्वक सम्मानित होकर श्रीराम अपने भाई लक्ष्मण तथा युथपतियों के साथ सुवेल पर्वत के पीछे सुखपूर्वक रहने लगे।
 
Thereafter, being respectfully honoured by Vibhishan, the Lord of the monkey army, Sri Rama, along with his brother Lakshmana and the group of Yuthapatis, lived happily on the back side of the Suvela mountain.
 
इत्यार्षे श्रीमद्रामायणे वाल्मीकीये आदिकाव्ये युद्धकाण्डेऽष्टात्रिंश: सर्ग: ॥ ३ ८॥
इस प्रकार श्रीवाल्मीकिनिर्मित आर्षरामायण आदिकाव्यके युद्धकाण्डमें अड़तीसवाँ सर्ग पूरा हुआ ॥ ३ ८॥
 
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)