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श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 37: विभीषण का श्रीराम से लङ्का की रक्षा के प्रबन्ध का वर्णन तथा श्रीराम द्वारा लङ्का के विभिन्न द्वारों पर आक्रमण करने के लिये अपने सेनापतियों की नियुक्ति  »  श्लोक 32
 
 
श्लोक  6.37.32 
वानरेन्द्रश्च बलवानृक्षराजश्च वीर्यवान्।
राक्षसेन्द्रानुजश्चैव गुल्मे भवतु मध्यमे॥ ३२॥
 
 
अनुवाद
‘शक्तिशाली वानरराज सुग्रीव, महाबली रीछराज जाम्बवान और राक्षसराज रावण के छोटे भाई विभीषण नगर के मध्यभाग पर आक्रमण करें।॥ 32॥
 
‘The powerful monkey king Sugreeva, the mighty bear king Jambavan and Vibhishana, the younger brother of the demon king Ravana, should attack the central front of the city.॥ 32॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)