श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 37: विभीषण का श्रीराम से लङ्का की रक्षा के प्रबन्ध का वर्णन तथा श्रीराम द्वारा लङ्का के विभिन्न द्वारों पर आक्रमण करने के लिये अपने सेनापतियों की नियुक्ति  »  श्लोक 26
 
 
श्लोक  6.37.26 
पूर्वद्वारं तु लङ्काया नीलो वानरपुङ्गव:।
प्रहस्तं प्रतियोद्धा स्याद् वानरैर्बहुभिर्वृत:॥ २६॥
 
 
अनुवाद
‘बहुत से वानरों से घिरे हुए, वानरों में श्रेष्ठ नील ने पूर्व द्वार पर जाकर प्रहस्त का सामना किया॥ 26॥
 
‘Surrounded by a large number of monkeys, the best of the apes, Neel, went to the eastern gate and confronted Prahasta.॥ 26॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)