श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 37: विभीषण का श्रीराम से लङ्का की रक्षा के प्रबन्ध का वर्णन तथा श्रीराम द्वारा लङ्का के विभिन्न द्वारों पर आक्रमण करने के लिये अपने सेनापतियों की नियुक्ति  »  श्लोक 19-20h
 
 
श्लोक  6.37.19-20h 
एतां प्रवृत्तिं लङ्कायां मन्त्रिप्रोक्तां विभीषण:।
एवमुक्त्वा महाबाहू राक्षसांस्तानदर्शयत्॥ १९॥
लङ्कायां सचिवै: सर्वं रामाय प्रत्यवेदयत्।
 
 
अनुवाद
इस प्रकार मंत्रियों द्वारा बताए गए लंका-संबंधी समाचार सुनाकर महाबाहु विभीषण ने मंत्रियों रूपी राक्षसों का भी श्री राम से परिचय कराया और उनके द्वारा लंका का सारा वृत्तांत उन्हें पुनः सुनाया गया॥19 1/2॥
 
By narrating the news related to Lanka told by the ministers in this way, the mighty-armed Vibhishan also introduced the demons in the form of ministers to Shri Ram and through him the entire story of Lanka was told to them again. 19 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)