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श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
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काण्ड 6: युद्ध काण्ड
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सर्ग 37: विभीषण का श्रीराम से लङ्का की रक्षा के प्रबन्ध का वर्णन तथा श्रीराम द्वारा लङ्का के विभिन्न द्वारों पर आक्रमण करने के लिये अपने सेनापतियों की नियुक्ति
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श्लोक 15
श्लोक
6.37.15
एतानेवं विधान् गुल्माँल्लङ्कायां समुदीक्ष्य ते।
मामका मन्त्रिण: सर्वे शीघ्रं पुनरिहागता:॥ १५॥
अनुवाद
इस प्रकार मेरे सभी मंत्रीगण लंका में विभिन्न स्थानों पर तैनात सेनाओं का निरीक्षण करके शीघ्र ही यहाँ लौट आए हैं ॥15॥
Thus, all my ministers, after inspecting the armies deployed at various places in Lanka, have soon returned here. ॥ 15॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
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हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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