Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 6.37.10: प्रहस्त अपनी सेना सहित नगर के पूर्वी द्वार पर खड़े हैं। महापराक्रमी महापार्श्व और महोदर दक्षिणी द्वार पर खड़े हैं॥10॥   |   ramayan सर्ग 6.37: विभीषण का श्रीराम से लङ्का की रक्षा के प्रबन्ध का वर्णन तथा श्रीराम द्वारा लङ्का के विभिन्न द्वारों पर आक्रमण करने के लिये अपने सेनापतियों की नियुक्ति   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 37: विभीषण का श्रीराम से लङ्का की रक्षा के प्रबन्ध का वर्णन तथा श्रीराम द्वारा लङ्का के विभिन्न द्वारों पर आक्रमण करने के लिये अपने सेनापतियों की नियुक्ति  »  श्लोक 10
 
 
श्लोक  6.37.10 
पूर्वं प्रहस्त: सबलो द्वारमासाद्य तिष्ठति।
दक्षिणं च महावीर्यौ महापार्श्वमहोदरौ॥ १०॥
 
 
अनुवाद
प्रहस्त अपनी सेना सहित नगर के पूर्वी द्वार पर खड़े हैं। महापराक्रमी महापार्श्व और महोदर दक्षिणी द्वार पर खड़े हैं॥10॥
 
‘Prahasta with his army is standing at the eastern gate of the city. The mighty Mahaparsva and Mahodar are standing at the southern gate.॥10॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)