vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
»
काण्ड 6: युद्ध काण्ड
»
सर्ग 36: माल्यवान् पर आक्षेप और नगर की रक्षा का प्रबन्ध करके रावण का अपने अन्तःपुर में जाना
»
श्लोक 12
श्लोक
6.36.12
यदि तावत् समुद्रे तु सेतुर्बद्धो यदृच्छया।
रामेण विस्मय: कोऽत्र येन ते भयमागतम्॥ १२॥
अनुवाद
यदि संयोगवश राम ने समुद्र पर सेतु बना दिया, तो इसमें आश्चर्य की क्या बात है, जिससे तुम इतने भयभीत हो?॥12॥
If by chance Rama built a bridge over the sea, what is so surprising about it that you are so afraid?॥ 12॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×