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सर्ग 35: माल्यवान् का रावण को श्रीराम से संधि करने के लिये समझाना
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श्लोक 27
श्लोक
6.35.27
व्याला गोमायवो गृध्रा वाश्यन्ति च सुभैरवम्।
प्रविश्य लङ्कामारामे समवायांश्च कुर्वते॥ २७॥
अनुवाद
मांसाहारी हिंसक पशु, गीदड़ और गिद्ध भयंकर आवाज करते हुए लंका के उद्यानों में घुसकर समूह बनाकर बैठ जाते हैं॥ 27॥
Carnivorous ferocious animals, jackals and vultures make terrifying noises and enter the gardens of Lanka and sit in groups.॥ 27॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
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हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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