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श्लोक 12
श्लोक
6.35.12
असृजद् भगवान् पक्षौ द्वावेव हि पितामह:।
सुराणामसुराणां च धर्माधर्मौ तदाश्रयौ॥ १२॥
अनुवाद
ब्रह्माजी ने केवल दो ही दल बनाए हैं - सुर और असुर। धर्म और अधर्म ही उनके आधार हैं॥12॥
‘Lord Brahma has created only two parties – Sura and Asura. Dharma and Adharma are their only support.॥ 12॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
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हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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