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काण्ड 6: युद्ध काण्ड
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सर्ग 35: माल्यवान् का रावण को श्रीराम से संधि करने के लिये समझाना
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श्लोक 10
श्लोक
6.35.10
तन्मह्यं रोचते संधि: सह रामेण रावण।
यदर्थमभियुक्तोऽसि सीता तस्मै प्रदीयताम्॥ १०॥
अनुवाद
'इसलिए रावण! मैं श्री राम से संधि करना चाहता हूँ। जिस सीता के लिए तुम पर आक्रमण हो रहा है, उसे श्री राम को लौटा दो।'
‘That is why Ravana! I prefer to make peace with Shri Ram. Return Sita, for whom you are being attacked, to Shri Ram.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
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हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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