Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 6.34.21: राक्षसराज! आपको सीता को आदरपूर्वक महाराज श्री राम को लौटा देना चाहिए। जनस्थान में घटी अद्भुत घटना श्री राम के पराक्रम को समझने के लिए पर्याप्त प्रमाण और उदाहरण है।   |   ramayan सर्ग 6.34: सीता के अनुरोध से सरमा का उन्हें मन्त्रियों सहित रावण का निश्चित विचार बताना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 34: सीता के अनुरोध से सरमा का उन्हें मन्त्रियों सहित रावण का निश्चित विचार बताना  »  श्लोक 21
 
 
श्लोक  6.34.21 
दीयतामभिसत्कृत्य मनुजेन्द्राय मैथिली।
निदर्शनं ते पर्याप्तं जनस्थाने यदद्भुतम्॥ २१॥
 
 
अनुवाद
राक्षसराज! आपको सीता को आदरपूर्वक महाराज श्री राम को लौटा देना चाहिए। जनस्थान में घटी अद्भुत घटना श्री राम के पराक्रम को समझने के लिए पर्याप्त प्रमाण और उदाहरण है।
 
King of demons! You should respectfully return Sita to Maharaja Shri Ram. The amazing incident that happened in Janasthan is enough proof and example to understand the might of Shri Ram.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)