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ramayan 6.34.12: सीता से यह बातें कहते हुए मधुरभाषी शर्मा ने उनके आंसू भरे मुख को हाथ से पोंछकर यह कहा-॥12॥   |   ramayan सर्ग 6.34: सीता के अनुरोध से सरमा का उन्हें मन्त्रियों सहित रावण का निश्चित विचार बताना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 34: सीता के अनुरोध से सरमा का उन्हें मन्त्रियों सहित रावण का निश्चित विचार बताना  »  श्लोक 12
 
 
श्लोक  6.34.12 
साप्येवं ब्रुवतीं सीतां सरमा मृदुभाषिणी।
उवाच वदनं तस्या: स्पृशन्ती बाष्पविक्लवम्॥ १२॥
 
 
अनुवाद
सीता से यह बातें कहते हुए मधुरभाषी शर्मा ने उनके आंसू भरे मुख को हाथ से पोंछकर यह कहा-॥12॥
 
While saying these things to Sita, the sweet-spoken Sharma wiped her tear-filled face with her hand and said this -॥ 12॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)