Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 6.33.9: 'वानर वृक्षों की सहायता से युद्ध करते हैं। इस प्रकार उनका मारा जाना सम्भव नहीं है; क्योंकि जैसे देवताओं की रक्षा देवराज इन्द्र करते हैं, वैसे ही ये वानरों की रक्षा श्री रामचन्द्रजी करते हैं। | ramayan सर्ग 6.33: सरमा का सीता को सान्त्वना देना, रावण की माया का भेद खोलना, श्रीराम के आगमन और उनके विजयी होने का विश्वास दिलाना । ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
न त्वेवं वानरा हन्तुं शक्या: पादपयोधिन:।
सुरा देवर्षभेणेव रामेण हि सुरक्षिता:॥ ९॥
अनुवाद
'वानर वृक्षों की सहायता से युद्ध करते हैं। इस प्रकार उनका मारा जाना सम्भव नहीं है; क्योंकि जैसे देवताओं की रक्षा देवराज इन्द्र करते हैं, वैसे ही ये वानरों की रक्षा श्री रामचन्द्रजी करते हैं।
‘The monkeys fight with the help of trees. It is not possible for them to be killed in this manner; because just as the gods are protected by the king of gods Indra, in the same way these monkeys are well protected by Shri Ramchandraji.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥