Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 6.33.27: ‘हाथियों पर बजने वाले घंटियों की गम्भीर ध्वनि सुनो, रथों की घरघराहट सुनो, घोड़ों की हिनहिनाहट सुनो तथा नाना प्रकार के वाद्यों की ध्वनि भी सुनो।॥27॥   |   ramayan सर्ग 6.33: सरमा का सीता को सान्त्वना देना, रावण की माया का भेद खोलना, श्रीराम के आगमन और उनके विजयी होने का विश्वास दिलाना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 33: सरमा का सीता को सान्त्वना देना, रावण की माया का भेद खोलना, श्रीराम के आगमन और उनके विजयी होने का विश्वास दिलाना  »  श्लोक 27
 
 
श्लोक  6.33.27 
घण्टानां शृणु निर्घोषं रथानां शृणु नि:स्वनम्।
हयानां हेषमाणानां शृणु तूर्यध्वनिं तथा॥ २७॥
 
 
अनुवाद
‘हाथियों पर बजने वाले घंटियों की गम्भीर ध्वनि सुनो, रथों की घरघराहट सुनो, घोड़ों की हिनहिनाहट सुनो तथा नाना प्रकार के वाद्यों की ध्वनि भी सुनो।॥27॥
 
‘Listen to the deep sound of the bells ringing on the elephants, listen to the rattling of the chariots, listen to the neighing of the horses and also to the sound of various musical instruments.॥ 27॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)