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ramayan 6.33.20: छड़ी के प्रहार की गम्भीर ध्वनि सुनकर मधुरभाषी सरमणे ने सीता से कहा- ॥20॥   |   ramayan सर्ग 6.33: सरमा का सीता को सान्त्वना देना, रावण की माया का भेद खोलना, श्रीराम के आगमन और उनके विजयी होने का विश्वास दिलाना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 33: सरमा का सीता को सान्त्वना देना, रावण की माया का भेद खोलना, श्रीराम के आगमन और उनके विजयी होने का विश्वास दिलाना  »  श्लोक 20
 
 
श्लोक  6.33.20 
दण्डनिर्घातवादिन्या: श्रुत्वा भेर्या महास्वनम्।
उवाच सरमा सीतामिदं मधुरभाषिणी॥ २०॥
 
 
अनुवाद
छड़ी के प्रहार की गम्भीर ध्वनि सुनकर मधुरभाषी सरमणे ने सीता से कहा- ॥20॥
 
Hearing the solemn sound of the blow of the stick, the sweet-spoken Sarmane said to Sita - ॥ 20॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)