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ramayan 6.33.18: विशाललोचने! यह समाचार सुनकर राक्षसराज रावण अपने समस्त मन्त्रियों के साथ गुप्त मंत्रणा कर रहा है।'   |   ramayan सर्ग 6.33: सरमा का सीता को सान्त्वना देना, रावण की माया का भेद खोलना, श्रीराम के आगमन और उनके विजयी होने का विश्वास दिलाना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 33: सरमा का सीता को सान्त्वना देना, रावण की माया का भेद खोलना, श्रीराम के आगमन और उनके विजयी होने का विश्वास दिलाना  »  श्लोक 18
 
 
श्लोक  6.33.18 
स तां श्रुत्वा विशालाक्षि प्रवृत्तिं राक्षसाधिप:।
एष मन्त्रयते सर्वै: सचिवै: सह रावण:॥ १८॥
 
 
अनुवाद
विशाललोचने! यह समाचार सुनकर राक्षसराज रावण अपने समस्त मन्त्रियों के साथ गुप्त मंत्रणा कर रहा है।'
 
Vishallochane! On hearing this news the demon king Ravana is holding secret consultations with all his ministers.'
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)