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श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
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काण्ड 6: युद्ध काण्ड
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सर्ग 32: श्रीराम के मारे जाने का विश्वास करके सीता का विलाप तथा रावण का सभा में जाकर मन्त्रियों के सलाह से युद्धविषयक उद्योग करना
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श्लोक 41
श्लोक
6.32.41
राक्षसेन्द्रस्तु तै: सार्धं मन्त्रिभिर्भीमविक्रमै:।
समर्थयामास तदा रामकार्यविनिश्चयम्॥ ४१॥
अनुवाद
राक्षसराज रावण ने अपने भयंकर मन्त्रियों के साथ बैठकर राम के लिए तत्काल उचित कर्तव्य का निश्चय किया ॥ 41॥
The demon king Ravana sat with his fearsome ministers and decided on the immediate appropriate duty to be performed for Rama. ॥ 41॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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