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ramayan 6.32.40: रावण के वहाँ से जाते ही उसका मस्तक और उत्तम धनुष दोनों लुप्त हो गए ॥40॥   |   ramayan सर्ग 6.32: श्रीराम के मारे जाने का विश्वास करके सीता का विलाप तथा रावण का सभा में जाकर मन्त्रियों के सलाह से युद्धविषयक उद्योग करना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  6.32.40 
अन्तर्धानं तु तच्छीर्षं तच्च कार्मुकमुत्तमम्।
जगाम रावणस्यैव निर्याणसमनन्तरम्॥ ४०॥
 
 
अनुवाद
रावण के वहाँ से जाते ही उसका मस्तक और उत्तम धनुष दोनों लुप्त हो गए ॥40॥
 
As soon as Ravana left the place, both the head and the excellent bow disappeared. ॥ 40॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)