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ramayan 6.32.36: प्रभु! प्रहस्त सभी मंत्रियों सहित राजा की सेवा में आये हैं। वे आपसे मिलना चाहते हैं, इसीलिए उन्होंने मुझे यहाँ भेजा है।   |   ramayan सर्ग 6.32: श्रीराम के मारे जाने का विश्वास करके सीता का विलाप तथा रावण का सभा में जाकर मन्त्रियों के सलाह से युद्धविषयक उद्योग करना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  6.32.36 
अमात्यै: सहित: सर्वै: प्रहस्तस्त्वामुपस्थित:।
तेन दर्शनकामेन अहं प्रस्थापित: प्रभो॥ ३६॥
 
 
अनुवाद
प्रभु! प्रहस्त सभी मंत्रियों सहित राजा की सेवा में आये हैं। वे आपसे मिलना चाहते हैं, इसीलिए उन्होंने मुझे यहाँ भेजा है।
 
Lord! Prahast along with all the ministers have come to serve the king. He wants to see you, that is why he has sent me here. 36.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)