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ramayan 6.32.26: उसके पूछने पर लक्ष्मण उसे अवश्य ही यह समाचार बताएँगे कि रात्रि में राक्षसों के हाथों सोते समय तुम्हारी मित्र सेना और तुम्हारा वध हुआ है॥ 26॥   |   ramayan सर्ग 6.32: श्रीराम के मारे जाने का विश्वास करके सीता का विलाप तथा रावण का सभा में जाकर मन्त्रियों के सलाह से युद्धविषयक उद्योग करना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 32: श्रीराम के मारे जाने का विश्वास करके सीता का विलाप तथा रावण का सभा में जाकर मन्त्रियों के सलाह से युद्धविषयक उद्योग करना  »  श्लोक 26
 
 
श्लोक  6.32.26 
स तस्या: परिपृच्छन्त्या वधं मित्रबलस्य ते।
तव चाख्यास्यते नूनं निशायां राक्षसैर्वधम्॥ २६॥
 
 
अनुवाद
उसके पूछने पर लक्ष्मण उसे अवश्य ही यह समाचार बताएँगे कि रात्रि में राक्षसों के हाथों सोते समय तुम्हारी मित्र सेना और तुम्हारा वध हुआ है॥ 26॥
 
On his asking, Lakshmana will surely tell him the news of the killing of your friend's army and you while you were sleeping at the hands of demons during the night.॥ 26॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)