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ramayan 6.32.25: हम तीनों व्यक्ति एक साथ वन में आये थे; परन्तु अब शोक से पीड़ित माता कौशल्या केवल एक ही व्यक्ति लक्ष्मण को घर लौटते हुए देख सकेंगी॥ 25॥   |   ramayan सर्ग 6.32: श्रीराम के मारे जाने का विश्वास करके सीता का विलाप तथा रावण का सभा में जाकर मन्त्रियों के सलाह से युद्धविषयक उद्योग करना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  6.32.25 
प्रव्रज्यामुपपन्नानां त्रयाणामेकमागतम्।
परिप्रेक्ष्यति कौसल्या लक्ष्मणं शोकलालसा॥ २५॥
 
 
अनुवाद
हम तीनों व्यक्ति एक साथ वन में आये थे; परन्तु अब शोक से पीड़ित माता कौशल्या केवल एक ही व्यक्ति लक्ष्मण को घर लौटते हुए देख सकेंगी॥ 25॥
 
‘We three persons had come to the forest together; but now the grief-stricken mother Kausalya will be able to see only one person, Lakshmana, returning home.॥ 25॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)