Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 6.32.24: ‘तुमने अग्निष्टोम आदि यज्ञों द्वारा यथोचित दक्षिणा सहित भगवान यज्ञपुरुष की पूजा की है; फिर अग्निहोत्र द्वारा दाह-संस्कार का अवसर तुम्हें क्यों नहीं मिल रहा है?॥ 24॥ | ramayan सर्ग 6.32: श्रीराम के मारे जाने का विश्वास करके सीता का विलाप तथा रावण का सभा में जाकर मन्त्रियों के सलाह से युद्धविषयक उद्योग करना । ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अग्निष्टोमादिभिर्यज्ञैरिष्टवानाप्तदक्षिणै:।
अग्निहोत्रेण संस्कारं केन त्वं न तु लप्स्यसे॥ २४॥
अनुवाद
‘तुमने अग्निष्टोम आदि यज्ञों द्वारा यथोचित दक्षिणा सहित भगवान यज्ञपुरुष की पूजा की है; फिर अग्निहोत्र द्वारा दाह-संस्कार का अवसर तुम्हें क्यों नहीं मिल रहा है?॥ 24॥
‘You have worshipped the Lord Yagyapurusha by performing Yajnas like Agnishtom etc. with sufficient Dakshina; then why is it that you are not getting the opportunity of cremation by the fire of Agnihotra?॥ 24॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥