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ramayan 6.32.18: हे निष्पाप रघुनन्दन! आप अवश्य ही स्वर्गलोक में गए होंगे और मेरे ससुर, अपने पिता राजा दशरथ तथा अन्य समस्त पूर्वजों से भी मिले होंगे॥ 18॥   |   ramayan सर्ग 6.32: श्रीराम के मारे जाने का विश्वास करके सीता का विलाप तथा रावण का सभा में जाकर मन्त्रियों के सलाह से युद्धविषयक उद्योग करना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 32: श्रीराम के मारे जाने का विश्वास करके सीता का विलाप तथा रावण का सभा में जाकर मन्त्रियों के सलाह से युद्धविषयक उद्योग करना  »  श्लोक 18
 
 
श्लोक  6.32.18 
पित्रा दशरथेन त्वं श्वशुरेण ममानघ।
सर्वैश्च पितृभि: सार्धं नूनं स्वर्गे समागत:॥ १८॥
 
 
अनुवाद
हे निष्पाप रघुनन्दन! आप अवश्य ही स्वर्गलोक में गए होंगे और मेरे ससुर, अपने पिता राजा दशरथ तथा अन्य समस्त पूर्वजों से भी मिले होंगे॥ 18॥
 
O sinless Raghunandan! You must have surely gone to heaven and met my father-in-law, your father King Dasharath and all the other ancestors as well.॥ 18॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)