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ramayan 6.32.15: कमलनयन! भयंकर एवं अत्यन्त क्रूर कालरात्रि ने तुम्हें सहसा अपने हृदय से लगाकर मुझसे दूर ले लिया।   |   ramayan सर्ग 6.32: श्रीराम के मारे जाने का विश्वास करके सीता का विलाप तथा रावण का सभा में जाकर मन्त्रियों के सलाह से युद्धविषयक उद्योग करना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  6.32.15 
तथा त्वं सम्परिष्वज्य रौद्रयातिनृशंसया।
कालरात्र्या ममाच्छिद्य हृत: कमललोचन॥ १५॥
 
 
अनुवाद
कमलनयन! भयंकर एवं अत्यन्त क्रूर कालरात्रि ने तुम्हें सहसा अपने हृदय से लगाकर मुझसे दूर ले लिया।
 
Kamalnayan! The fierce and extremely cruel Kalaratri suddenly took you away from me by clasping you to her heart.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)