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ramayan 6.31.9: रावण की यह आज्ञा पाकर निशाचर जीव विद्युज्जिह्वा ने कहा, ‘बहुत अच्छा।’ फिर उसने रावण को अपनी वह माया दिखाई जो उसने बड़ी कुशलता से बनाई थी॥9॥   |   ramayan सर्ग 6.31: मायारचित श्रीराम का कटा मस्तक दिखाकर रावण द्वारा सीता को मोह में डालने का प्रयत्न   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  6.31.9 
एवमुक्तस्तथेत्याह विद्युज्जिह्वो निशाचर:।
दर्शयामास तां मायां सुप्रयुक्तां स रावणे॥ ९॥
 
 
अनुवाद
रावण की यह आज्ञा पाकर निशाचर जीव विद्युज्जिह्वा ने कहा, ‘बहुत अच्छा।’ फिर उसने रावण को अपनी वह माया दिखाई जो उसने बड़ी कुशलता से बनाई थी॥9॥
 
On receiving this order from Ravana, the nocturnal being Vidyujjihva said, 'Very good.' Then he showed Ravana his magic which he had created with great skill.॥ 9॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)