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ramayan 6.31.44: फिर उसने कहा, 'सीते! यह तुम्हारे राम का धनुष है, जिसकी डोरी प्रहस्त है। प्रहस्त ने रात में उस आदमी को मारकर यह धनुष यहाँ ला दिया।'   |   ramayan सर्ग 6.31: मायारचित श्रीराम का कटा मस्तक दिखाकर रावण द्वारा सीता को मोह में डालने का प्रयत्न   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  6.31.44 
इदं तत् तव रामस्य कार्मुकं ज्यासमावृतम्।
इह प्रहस्तेनानीतं तं हत्वा निशि मानुषम्॥ ४४॥
 
 
अनुवाद
फिर उसने कहा, 'सीते! यह तुम्हारे राम का धनुष है, जिसकी डोरी प्रहस्त है। प्रहस्त ने रात में उस आदमी को मारकर यह धनुष यहाँ ला दिया।'
 
Then he said, 'Sita! This is your Ram's bow with its string. Prahastha killed that man at night and brought this bow here.'
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)