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ramayan 6.31.42: रावण के ऐसा कहने पर राक्षस ने सुन्दर सिर सीता के पास रख दिया और तुरन्त अन्तर्धान हो गया ॥42॥   |   ramayan सर्ग 6.31: मायारचित श्रीराम का कटा मस्तक दिखाकर रावण द्वारा सीता को मोह में डालने का प्रयत्न   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  6.31.42 
एवमुक्तं तु तद् रक्ष: शिरस्तत् प्रियदर्शनम्।
उपनिक्षिप्य सीताया: क्षिप्रमन्तरधीयत॥ ४२॥
 
 
अनुवाद
रावण के ऐसा कहने पर राक्षस ने सुन्दर सिर सीता के पास रख दिया और तुरन्त अन्तर्धान हो गया ॥42॥
 
Upon Ravana saying this, the demon placed the beautiful head near Sita and instantly disappeared. ॥ 42॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)