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ramayan 6.31.4: रावण की आज्ञा सुनते ही सब मंत्री शीघ्रता से वहाँ आ पहुँचे। तब रावण ने राक्षस जाति के उन सचिवों के साथ बैठकर आवश्यक कर्तव्य पर विचार-विमर्श किया॥4॥   |   ramayan सर्ग 6.31: मायारचित श्रीराम का कटा मस्तक दिखाकर रावण द्वारा सीता को मोह में डालने का प्रयत्न   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 31: मायारचित श्रीराम का कटा मस्तक दिखाकर रावण द्वारा सीता को मोह में डालने का प्रयत्न  »  श्लोक 4
 
 
श्लोक  6.31.4 
तस्य तच्छासनं श्रुत्वा मन्त्रिणोऽभ्यागमन् द्रुतम्।
तत: स मन्त्रयामास राक्षसै: सचिवै: सह॥ ४॥
 
 
अनुवाद
रावण की आज्ञा सुनते ही सब मंत्री शीघ्रता से वहाँ आ पहुँचे। तब रावण ने राक्षस जाति के उन सचिवों के साथ बैठकर आवश्यक कर्तव्य पर विचार-विमर्श किया॥4॥
 
On hearing Ravana's orders, all the ministers hurriedly came there. Then Ravana sat with those secretaries of the demon race and discussed the necessary duty. ॥ 4॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)