Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 6.31.28-29h: मैना और द्विविद, दोनों श्रेष्ठ वानर रक्त से लथपथ पड़े थे। वे भारी साँस ले रहे थे और रो रहे थे। उसी अवस्था में, उन दोनों विशाल शत्रुसूदन वानरों को तलवार से बीच से काट डाला गया। | ramayan सर्ग 6.31: मायारचित श्रीराम का कटा मस्तक दिखाकर रावण द्वारा सीता को मोह में डालने का प्रयत्न । ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
मैन्दश्च द्विविदश्चोभौ तौ वानरवरर्षभौ।
नि:श्वसन्तौ रुदन्तौ च रुधिरेण परिप्लुतौ॥ २८॥
असिना व्यायतौ छिन्नौ मध्ये ह्यरिनिषूदनौ।
अनुवाद
मैना और द्विविद, दोनों श्रेष्ठ वानर रक्त से लथपथ पड़े थे। वे भारी साँस ले रहे थे और रो रहे थे। उसी अवस्था में, उन दोनों विशाल शत्रुसूदन वानरों को तलवार से बीच से काट डाला गया।
‘Mainda and Dwivid, both the best monkeys were lying soaked in blood. They were breathing heavily and crying. In the same state, both those huge Shatrusudan monkeys were cut in the middle with a sword.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥