श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 31: मायारचित श्रीराम का कटा मस्तक दिखाकर रावण द्वारा सीता को मोह में डालने का प्रयत्न  »  श्लोक 26
 
 
श्लोक  6.31.26 
सुग्रीवो ग्रीवया सीते भग्नया प्लवगाधिप:।
निरस्तहनुक: सीते हनूमान् राक्षसैर्हत:॥ २६॥
 
 
अनुवाद
सीता! वानरराज सुग्रीव की गर्दन काट दी गई, हनुमान की ठोड़ी तोड़ दी गई और राक्षसों ने उन्हें मार डाला।
 
Sita! The neck of the monkey king Sugreeva was cut off, and Hanuman's chin was destroyed and he was killed by the demons.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)