Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 6.31.10-11h: इससे राजा रावण बहुत प्रसन्न हुआ और उसने अपने आभूषण उतारकर उसे दे दिए। तब वह महाबली राक्षसराज सीताजी के दर्शन हेतु अशोक वाटिका में गया।   |   ramayan सर्ग 6.31: मायारचित श्रीराम का कटा मस्तक दिखाकर रावण द्वारा सीता को मोह में डालने का प्रयत्न   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 31: मायारचित श्रीराम का कटा मस्तक दिखाकर रावण द्वारा सीता को मोह में डालने का प्रयत्न  »  श्लोक 10-11h
 
 
श्लोक  6.31.10-11h 
तस्य तुष्टोऽभवद् राजा प्रददौ च विभूषणम्।
अशोकवनिकायां च सीतादर्शनलालस:॥ १०॥
नैर्ऋतानामधिपति: संविवेश महाबल:।
 
 
अनुवाद
इससे राजा रावण बहुत प्रसन्न हुआ और उसने अपने आभूषण उतारकर उसे दे दिए। तब वह महाबली राक्षसराज सीताजी के दर्शन हेतु अशोक वाटिका में गया।
 
Due to this, King Ravana was very pleased and he took off his ornaments and gave them to him. Then that mighty demon king went to Ashok Vatika to see Sitaji.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)