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ramayan 6.30.8: उस सेना के मध्य में क्रोध से भरे हुए वानरों ने मुझे घुटनों, मुक्कों, दांतों और थप्पड़ों से बुरी तरह पीटा और पूरी सेना के सामने मेरा अपराध बताते हुए मुझे चारों ओर घुमाया।   |   ramayan सर्ग 6.30: रावण के भेजे हुए गुप्तचरों एवं शार्दूल का उससे वानर-सेना का समाचार बताना और मुख्य-मुख्य वीरों का परिचय देना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  6.30.8 
जानुभिर्मुष्टिभिर्दन्तैस्तलैश्चाभिहतो भृशम्।
परिणीतोऽस्मि हरिभिर्बलमध्ये अमर्षणै:॥ ८॥
 
 
अनुवाद
उस सेना के मध्य में क्रोध से भरे हुए वानरों ने मुझे घुटनों, मुक्कों, दांतों और थप्पड़ों से बुरी तरह पीटा और पूरी सेना के सामने मेरा अपराध बताते हुए मुझे चारों ओर घुमाया।
 
The monkeys in the midst of that army, filled with anger, beat me severely with their knees, fists, teeth and slaps and paraded me around, announcing my crime to the entire army.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)