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ramayan 6.30.22: धर्मात्मा और पराक्रमी सुषेण धर्म के पुत्र हैं। राजन! दधिमुख नामक सौम्य वानर चन्द्रमा के पुत्र हैं। 22॥   |   ramayan सर्ग 6.30: रावण के भेजे हुए गुप्तचरों एवं शार्दूल का उससे वानर-सेना का समाचार बताना और मुख्य-मुख्य वीरों का परिचय देना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  6.30.22 
सुषेणश्चात्र धर्मात्मा पुत्रो धर्मस्य वीर्यवान्।
सौम्य: सोमात्मजश्चात्र राजन् दधिमुख: कपि:॥ २२॥
 
 
अनुवाद
धर्मात्मा और पराक्रमी सुषेण धर्म के पुत्र हैं। राजन! दधिमुख नामक सौम्य वानर चन्द्रमा के पुत्र हैं। 22॥
 
The virtuous and mighty Sushen is the son of Dharma. Rajan! The gentle monkey named Dadhimukh is the son of Chandrama. 22॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)