Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 6.30.21: गद्गद का एक और पुत्र भी है (जिसका नाम धूम्र है)। इन्द्र के गुरु बृहस्पति के पुत्र केसरी हैं, जिनके पुत्र हनुमान पहले भी अकेले यहाँ आकर अनेक राक्षसों का वध कर चुके थे। | ramayan सर्ग 6.30: रावण के भेजे हुए गुप्तचरों एवं शार्दूल का उससे वानर-सेना का समाचार बताना और मुख्य-मुख्य वीरों का परिचय देना । ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
गद्गद का एक और पुत्र भी है (जिसका नाम धूम्र है)। इन्द्र के गुरु बृहस्पति के पुत्र केसरी हैं, जिनके पुत्र हनुमान पहले भी अकेले यहाँ आकर अनेक राक्षसों का वध कर चुके थे।
Gadgad also has another son (whose name is Dhumra). Indra's Guru Brihaspati's son is Kesari, whose son Hanuman had come here alone and killed many demons earlier.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥