श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 30: रावण के भेजे हुए गुप्तचरों एवं शार्दूल का उससे वानर-सेना का समाचार बताना और मुख्य-मुख्य वीरों का परिचय देना  »  श्लोक 15
 
 
श्लोक  6.30.15 
यदि मां प्रतियुध्यन्ते देवगन्धर्वदानवा:।
नैव सीतां प्रदास्यामि सर्वलोकभयादपि॥ १५॥
 
 
अनुवाद
‘यदि देवता, गन्धर्व और राक्षस मुझसे युद्ध करें और सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड मुझे धमकाने लगे, तो भी मैं सीता को नहीं लौटाऊँगा।’॥15॥
 
‘Even if the gods, Gandharvas and demons fight with me and the entire universe starts threatening me, I will not return Sita.’॥ 15॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)